Bikaau Log Sudhar jaao_/\_

इस युग में हर समय में भगवन के भक्तों पर, संतों पर नीच मति और नीच मुरादों वाले कुछ का कुछ लांछन लगते रहते है लेकिन सज्जन अपनी भक्ति, श्रद्धा और प्रभु प्रीती से संतों  को नवाज़ के अपना बेडा पार करने में सफल भी हो जाते है।

आज स्वामी विवेकानंद को सब जानते हैं लेकिन जिन्होंने उनको सताया और उनपर लांछन लगाये, वे कौन से नरक में होंगे ये विवेकानंद को भी पता नहीं और मुझे भी पता नहीं। स्वामी विवेकानंद को तो लाभ-ही-लाभ हुआ। उनके खिलाफ कितना लिखा गया फिर भी अंत में तो लाभ का पक्ष विवेकानंद के पास रहा। इसी लिए भगवन के रस्ते जाने वाले को कभी डरना नहीं चाहिए, कभी घबराना नहीं चाहिए।

समय आव्ये थतुं जाशे प्रभु करतार छे न्यारो

नरेंद्र को विवेकानंद बनने में कितने लोगों ने क्या-क्या विघ्न डाले होंगे। फिर भी नरेंद्र की दृढ़ श्रद्धा और रामकृष्ण देव की महान कृपा ने विश्व को १ धर्म-धुरंदर महापुरुष दे दिया ‘स्वामी विवेकानंद ‘ के नाम से. लेकिन उस समय रामकृष्ण देव की समाधी बनाने के लिए जगह भी नहीं मिल रही थी। विवेकानंद जैसे महापुरुष को क्यूंकि तथाकथित धार्मिक लोग उन्हें चंदा भी नहीं दे पाये। इतने अभागे बन गए थे ! धर्मान्तरण वालों के कुप्रचार के शिकार बन गए थे। विवेकानंद जी को अपने गुरुदेव की समाधि बनाने के लिए कितने श्रम उठा कर कैसे-कैसे चंदा करना पड़ा और कहाँ- कहाँ जाकर समाधी बनानी पड़ी, वह इतिहास  पढ़ो तो आँखों से आंसू बहेंगे।

कुप्रचार वालों ने विवेकानंद जी के लिए इतना कुप्रचार किया, रामकृष्ण देव के लिए किया ! और भी जो संत प्रसिद्द होते हैं उनके लिए धर्मांतरण वाले कुछ – न – कुछ हथकंडे को अपनाकर अपना ये कार्य चालू कर देते हैं। और अपने ही कुछ लोग बिकाऊ हो जाते हैं।

कुल्हाड़ी को जिस वृक्ष से लकड़ी मिली वह उसी वृक्ष को काट रही है। लकड़ी के बल से ही कुल्हाड़ी वृक्ष को काट रही है। ऐसे ही जो बिकाऊ लोग हैं, वे देश को काटने में लगे हैं। देश द्रोही ये नहीं सोचते की हमारी संस्कृति काटती जाएगी तो हमे भी वे लोग अपने चपेट में ले लेंगे।

तो भारत को कमज़ोर करने वाली ताक़तों से जुड़े हुए लोग ! हम हाथ जोड़ कर प्रार्थना करते है की देश को तोड़ने की साजिश वालों के साथ मिलकर पैसों के लालच में बिकाऊ न बने। हमारा भारत देश अखंड रहे और दुनिया के रोग- शोक तथा अशांति , अनिद्रा के रोग को मिटाकर दुनिया को सुख-शांति और प्रभु का प्रसाद दे और भारत विश्व गुरु के ऊँचे शिखर पर चमके, ऐसे काम में आप लग जाओ। अगर नहीं लगते हो तो आपका दुर्भाग्य है। उस काम में नहीं लगो तो दुर्भाग्य है लेकिन महा दुर्भाग्य का काम मत करो भारत को तोड़ने का। भारत के संतों और भक्तों को तोड़कर आप पैसे कहाँ संभालोगे। ये विदेशी लोग आपको भी कैसे भून डालेंगे आप कल्पना नहीं कर सकते।

 

ll हरि ओम शांति ll
पूज्य सद्गुरुदेव जी भगवान की महा जयजयकार हो !!!!!!

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2 Comments on “Bikaau Log Sudhar jaao_/\_”

  1. bhrt Says:

    pls contact us at ;
    we too run few websites and Blogs and would like to communicate about website/blog sewa activities.


  2. Santon ko satana band kro


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