हिंदू धर्म महान है

परम पूज्य संत श्री आशारामजी बापूजी का सत्संग – छत्तरपुर – २१ सितम्बर २०१२

भगवान शिवजी पार्वती को वामदेव गुरु से मंत्रदीक्षा दिलाते और चौदा साल के बनवास के समय भी श्रीरामजी सिताजीको और लखन भैया को भरद्वाज के गुरु के सत्संग ले जाते खुद भी | अत्री, पराशर, अनुसाया आदि आश्रम में जाकर रामचंद्रजी , सीता को सत्संग दिलाते | जिनके जीवन में भक्तिभाव है, सत्संग नही हिया वे बिचारे भावना-भावना में पूरी जिंदगी वाही पसारकर लेते | अंदर के रहस्यों से अंजान रह जाते | भावना  तो अच्छी लेकिन भावना के साथ भगवान बोलते है – बुद्धि योगं पश्यतिहं न चितं ततं | श्रद्धा तो रखो मन में श्रद्धा हॉट ही लेकिन बुद्धि का योग तुम्हारे बुद्धिमे मेरे चैतन्य का जड कैसे आये | अपना मानो अपने को मेरा मानो और प्रीतिपूर्वक जप करो मई तुम्हारे लिए बुद्धि योग देगा | जो मुझे प्रीतिपूर्वक भजते है मै उन्हें बुद्धि योग देगा और बुद्धि योग सदा बुद्धि साथ में रहो और बुद्धिके अंदर बुद्धि योग देनेवाला चैतन्य प्रभुजी साथ है | जिसको भगवत सत्ता की और भगवत सहलता का सत्य है वो महापुरुष मुक्तत्मा, दिव्यात्मा बन जाता है | उसे दर्शन से भी संसारी लोग के पाप् ताप मिटते है | कबीर दर्शन संत के साहेबावे याद ये देखि घडी बाकि के बाद कबीरा नींद का ना मिले हजार पापी मिलेंगे | जो संत का निंदा करता है ऐसे निंदक हमें जिंदगी में न मिले, हजार पापी मिलेंगे तो   इतना पाप नहीं लगता जितना एक निंदक के बाते हमें पाप लगता है | कबीरा निंदक ना मिले पापी मिले हजार एक नींद के माये पर लाख पाप होगा |

ये दिव्या प्रेरणा पुस्तक है, इस पुस्तक में एक मंत्र लिखा है | वो मंत्र २१ बार जाप करके दूध में देखोगे, और वो दूध पियोगे तो बुद्धि भी बढ़ेगी और बल भी बढ़ेगा |

हरड़ रसायन गोली – बिमार आदमी चाहे तंदुरस्त आदमी, बाई-माई एक –दो गोली चुसे तो दिनभर का खाया हुआ भोजन उसका शक्ति में बदल जायेगा टोनिक| इस विदेशी दवाइयां ने जीवाणु मरते है लेकिन उए केमिकल की गंधी असर अपने घर से हवामान में ले जाती है | इसलिए फिनाइल का उच्चार नहीं करने चाहिए, खड़ा नमक से पोचा करे, तुलसी का पौधा घरमे रहे तो बेकट्रीया पैदा नहीं होते | सुबह –सुबह सूरज के मीठी धुप में १५ मिनट स्नान करना चाहिए |

किसीको ड़ाइबेटिस हो तो इस्न्शुलेशन इंजेक्शन लगाने से भी ड़ाइबेटिस नहीं रोख सकती लेकिन आधा किलो करेला लो चाहे बड़े-बड़े हो, पक्के हो, खराब न हो  ऐसे आधा किलो करेले के दुकडे-दुकडे करके बड़े तपेले में नहीं तो बड़े थाले में डाल दो और पैरताले  पूछ ले एक घंटे तक मुहँ कडवा होने लगेगा और  ड़ाइबेटिस भगाने लगेगा | सात दिनोंमे ड़ाइबेटिस भाग जायेगी लेकिन १० दिन करना तो तुम्हारा ड़ाइबेटिस नहीं रहेगा | इंजेक्सन मत लो आगे चले इंजेक्शन से और कई रिअक्शन हो |

कई को सर्दी लगा जाती है तडाक से अंग्रेजी दवा ले लेते | सर्दी मिट गयी तो  ये झूटी बात है, सर्दी मिति नहीं जो कफ के कारण सर्दी के वो कफ सुख गया, उससे छोटे-छोटे कण; एकदम बारीक़ कण कफस खून में घुमते रहे जब कमजोरी आई तो कचरे के कण एक जगा जमा होगी, बायपास सर्जरी करा देगा, हार्ट अटैक के तकलीफे जल्दी बढ़ेगी अथवा वे कण सडने लगता है तो कैंसर बनाता है, ट्यूमर बनाता है इसलिए सर्दी मिटने के लिए ये अंग्रेजी गोली कभी नहीं लेना | मै बताता हूँ बिना दवाई के सर्दी सदा के लिए भाग जायेगी – बाहे नाक बंद किया दाहे नाक से श्वास खुप भर लिया और सव्वा मिनट श्वास रोका, श्वास छोड़ दिया | ऐसा ४-५ बार करे एक दिन में कफ बाहर आ जायेगा | २ दिन करना बस ! जादा नहीं सर्दी तुम्हारे से दूर भागेगी| हार्ट अटैक, ट्यूमर, कैंसर आदि कई बीमारी नजिक नहीं आये |

ऐसे दिन को गर्मी लग जाती है, आँखे जलती है तो बाहे नाक से श्वास ले सव्वा मिनट रोके और दहे नाक से छोड़ दे ऐसा ५ बार करे तो कैसी भी गर्मी हो , ऐसा ५ दिन कर लो तो गर्मी भाग जाये |

मासिक आधिक आता है, आँखे जलती है, मुहँ में छाले पड़े गर्मी के कारन, ओठ फट जाते है तो लोग फस जाते है | सर्दी, गर्मीसे तो एक बूदं नाभि में सरसों के टेम डाल दो, सुबह डाल दो स्नान के पहिले ,तो ओठ फटना बंद |  कान में गडबड है तो – दस रुपये मिलती है बोतल कान में डालो तो कान भी ठीक हो होगी और आँखों की नेत्रबिंदु से ठीक होगा |

जिनकी याद शक्ति कमजोर है – लंबा श्वास लेना है , कान में उँगलियाँ डालना और ॐकार स्वरुप अंतर्यामी ईश्वर का मंत्र का जाप करना है | उससे याद शक्ति गजब से बढ़ेगी | बुद्दू से बुद्दू विद्यार्थी भी अच्छे मार्क से पास होगे |

तीन बिलिपत्ते  और एक कालीमिर्च रोज सुबह पिलो जोर –घुमो और कसरत करो तो आदमी बलवान हो जाता है | भोजन के बाद केला खावो और सुबह के किरणों को धुप ले १४-१५ साल का २२ साल का जवान लगेगा |

भगवान कहते है – तुम्हे श्रद्धा तो रखो लेकिन ईश्वर साथ-साथ बुद्धियोग भी कर लो | मै गीता का प्रवचन करता हूँ और मेरे सत्संग में भी तुमको बुद्धू रहने नहीं देता हूँ, कैसी भी बीमारी आ जाए , डॉक्टर कैसा भी बता दे, बायपास सर्जरी कभी मत करना | बायपास सर्जरी  बहुत नुकसान कर देती | आश्रम का एके औषधि है २-२ चम्मच धीरे-धीरे चाटते जा ब्लोकेज खुल जाता है | अगर वो आश्रम की दवाई ब्लोकेज नहीं खुलना चाहती तो आश्रम वैद्य से फोनपर सलाह कर लो और भी बताया गा ऐसी भी ब्लोकेज खुल जाता है | बायपास सर्जरी न करना बहोत फायदा होता है | तो माताएँ- बहनें जब माँ बनने के अवसर होता है तब डॉक्टर डरा देते है , बच्चा कमजोर है फलाना- फलाना हो गया है ये सब डराकर गर्भपात करावो दुनियो को भला चाहते हो तो सत्संगी लोक गर्भपात कराने का महापातक नहीं करता , जो गर्भपात कराते उन्हें दस जन्मों तक संतान दिलखुला नहीं होती | और गर्भपात जो माई कराती वो जीवनभर रोटी रहती है , इससे क्या बीतती वो जाने | याज्ञवल्क की सहिंता में आया – जो स्त्री गर्भपात कराती उस स्त्री के हाथ का भोजन न कराते जो साधू करे तो साधू की तपस्या नाश करे इतना संपर्क और कितनी दशा होती वो मैंने अनुभव किया , कितना पुण्यार्थ होता है वो भी मैंने अनुभव किया | इसलिए गर्भपात महापाप | हिन्दुधर्म महान है, हिन्दुधर्म औषधियाँ महान है, हिन्धुधर्म मंत्र महान है तो मंत्रविज्ञान ऐसा गुरुगीता का पाठ इस देश में है , उस देशवाशियों को गर्भपात कराकर मानव जाती से दूर नही करना चाहते |

एक होता है निर्माण, दूसरी होती खोज ..निर्माण उसका होता है – पहिले नहीं था खोज उसकी होती है, वो पहले था तो भगवान नारायण के पहले ॐकार मंत्र था और २२ हजार श्लोक है ॐकार मंत्र की महिमा के | तो इस ॐकार मंत्र के देवेता कौन है? गायत्री मंत्र के देवता- सूर्य है, ऋषि- विश्वामित्र है | ऐसे ॐकार मंत्र के ऋषि कौन है? भगवान नारायण और ॐकार मंत्र की देवता कौन है? की अंतर्यामी परमात्मा | में उसका जप करता हूँ, तो अंतर्यामी प्रभु का जप अभी-अभी मस्ती, कृपा, अभी-अभी स्वज्य बल जुड़ा प्रतिज्ञा करो – ॐकार मंत्र, गायत्री छंद, परमात्मा ऋषि, अंतर्यामी देवता, अंतर्यामी प्रीतिअर्थे,  अंतर्यामी प्राप्तिअर्थे, जपे विनियोग |

मंदिर के देवता पुजारी आये तब देवता का दर्शन होता लेकिन ये देवता मरने की बाद भी रहती, जीव आत्मा के साथ परमात्मा  ॐ ॐ ॐ प्रभुजी ॐ .. अंतर्यामी ॐ … सद्बुद्धिदाता ॐ … सुखरुपा ॐ …

आनंदरूपा ॐ ,,परमात्मा ॐ … शांति ॐ …. आनंद ॐ …. माधुर्य ॐ …

अब मै दुखी , परेशानी में ऐसी बेवकूफी कभी विचार भी नहीं करेगी | मै प्रभुका हूँ प्रभु मेरे है तो दुःख और परेशानी जादा नही टिकेगी ॐ ॐ ॐ ……..

चिंता में चिंतन कर भाव ॐ ॐ ॐ  आनंदजी ॐ … प्रभुजी ॐ … प्यारेजी ॐ …शांति ॐ …

मनुष्य के खाली निशाने चोट मन ईश्वर में लिन हो हाले जीभ ओठ | – कबीरजी ने ऐसी साधना किई थी | श्रीकृष्ण ने ऐसी साधना यशोदाजी को सिखाई थी | जैसे सिमकार्ड आने के बाद दुनियाभर जुड़े जाते है वैसे ही गुरुदीक्षा के बाद हम अंतर्यामी जुड गए | ईश्वरीय से हमारा सीधा सबंध हो गया है | ॐ ॐ

परमेश्वराय, ईश्वराय अब मै अनाथ नहीं हूँ | पति मर गया  फिर भी विधवा नहीं हूँ ये जगतपति मेरे साथ है | पिता मर गारा  फिर तू अनाथ नहीं है जगत का पिता तेरे साथ है |

ॐ ॐ

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