निंदा से बचने के उपाय Nindaa se bachane ke upaay

सासू बहू घर परिवार के लोग मिलजुल के रहे…

घर का वातावरण अच्छा रहे इसलिए द्वेष , ईर्षा, निंदा चुगली कभी भी हम किसी से भूल कर भी ना करे….. (ऐसा करने में हम  अपना मन गंदा करते..और बोलनेवाला उस में और झूठ मिला के बोलता है ..इसलिए और पाप बढ़ता है…मति और गिरती है…)

घर का वातावरण अच्छा रखने के लिए रोज ये प्रार्थना करे…

हे प्रभु आनंद दाता ज्ञान हम को दीजिए…   http://wp.me/P6Ntr-sk

घर में दुख झगड़े कब होते है ?…. सास-बहू, भाभी –ननंद, देरानी-जेठानी एक-दूसरे की निंदा करते… ईर्षा करते….ऐसे घर में बाहर से एअर कंडीशन लेकिन अंदर से हॉट कंडीशन हो जाती है ….

अगर देरानी की निंदा जेठानी करती है तो जेठ का कर्तव्य  है की अपनी पत्नी को समझाए की देरानी तो छोटी भाभी है मेरी…तुम्हारे बहेन के बराबर  है, बेटी के बराबर है..ऐसा मन के बड़ा दिल रखो..तू तो जेठानी है..जेठानी तो बड़ी को बोलते…तो बड़ी का बड़ा दिल नही रहेगा तो बड़प्पन कैसे रहेगा?

अगर देरानी जेठानी की निंदा करती है तो छोटा भाई अपनी पत्नी को समझाए की वो तो मेरी बड़ी भाभी है..माँ के बराबर है…तेरी माँ  के लिए तेरे दिल में जैसा प्यार है उस से भी ज़्यादा प्यार उस के लिए भर..वो चाहे कैसा भी व्यवहार करे, तू अपना व्यवहार प्यार भरा कर…तेरे दिल में प्यार भरेगा तो तेरे को भगवान प्यारी संतान देंगे..प्यारा जीवन देंगे…

अपने बेटा बेटी को मिठाई देनी है तो नपी-तुली दो..देरानी जेठानी के बच्चो को दिल खोल के दो..अपना बेटा बेटी ग़लती करे तो उस को ज़रा टाइट करो..लेकिन देरानी जेठानी पड़ोसी का बेटा बेटी है तो ज़रा उदारता से बर्ताव करो..तो वो भी तुम्हारे साथ उदार-ता से बर्ताव करेंगे..

सब के प्रति सदभाव रखो तो तुम्हारा चेहरा भी खिल जाएगा..निंदा करने से अपना चेहरा भी भद्दा हो जाता है..

किसी की निंदा ना करे…निंदक के माथे पे लाख पापो का भार जाता है…

अगर पत्नी सासू की निंदा सुनाती है तो तुम पत्नी को समझाओ  के देवी तू मेरी सेवा कर चाहे ना कर..लेकिन मेरी माँ को ज़रा खुश रख..मैं ने मेरी माँ  का दूध पिया है..माँ  के शरीर से मेरा खून बना है..अगर मैं माँ की निंदा सुनूँगा तो मेरे जैसा पापी कौन? .. फिर इस पापी से जो औलाद होगी वो तुझे दुख देगी , मुझे दुख देगी …सासू की निंदा ना कर..क्यूँ की तेरा भी भविष्य उज्ज्वल होने में रुकावट होगी..कैसी भी है तेरे पति की जन्म दात्री है..और उस ने जन्म दिया तभी तू उस घर की मालकिन बनेगी…तू बड़े घर की है, बड़े मन की है..(चाहे छोटे घर हो, छोटे मन की हो फिर भी ऐसा बोल के उस को ज़रा उत्साहित करे..) मुझे माँ  की निंदा ना सूनाओ…(उस के ठोड़ी को स्पर्श कर के कहे की) तू मेरी इतनी बात मान लेगी ना?…

 किसी को दोष ना दो..दुखद अवस्था आई तो तुम को सू-विकसित करने के लिए जैसे सोने को तपाया तो सोने के विजातीय द्रव्य मिटाने के लिए ऐसे सासू की तरफ से कभी भद्दा व्यवहार हो जाए तो तुम को सावधान होना चाहिए की मेरा अहंकार, मेरी बेवकूफी, मेरी आसक्ति मिटाने के लिए भगवान सासू के द्वारा ऐसा करते है..सासू को दोष ना दो…

बहू का कर्तव्य है की सासू को माँ से भी ज़्यादा उँची नज़रिया से देखे क्यू की मेरा भरतार पतिदेव की वो जननी है इसलिए मेरी सासू है..मुझे देर सबेर सारे घर का अधिकार मिलेगा तो मैं  बहू होने के नाते सासू के दोष ना देखु, सासू के हृदय में जो परमात्मा है वो संतुष्ट हो.. बहू का कर्तव्य है की सासू के हृदय को ठेस ना पहुँचे..

बहू के द्वारा बुरा व्यवहार हो रहा है तो भगवान मेरी ममता छुड़ा रहे..सासू का कर्तव्य है की बहू को अपनी बेटी से भी ज़्यादा पलको पर रखे..आँखो की पलके..

राजा दशरथ ने कहा की,  “कौशल्या इन बहुओ को कैसे रखोगी?”

बोली,  “आँखो के तारो जैसे..”

बोले , ” नही नही..आँखो के पलाको के जैसे रखे..आँख पे कुछ आए तो पलके रक्षा करती ऐसे बहू पे कुछ आए तो तुम उन की पलके बन जाना..”

सासू का कर्तव्य है की बहू के लिए पलके बन जाए और बहू का कर्तव्य है की सासू के लिए पलके बन जाए तो आप का घर स्वर्ग बन जाएगा.

सब के प्रति सद-भाव रखो, अपने घर मे कोई पालतू प्राणी है गाय , भैस, बकरी आदि तो धूप मे , ठंडी मे उन को तकलीफ़ ना पड़े इस का ख़याल रखो..उन को चारा पानी टाइम से दो..सभी जिओ में परमात्म सत्ता है..सभी का मंगल चाहना, सभी का मंगल करना..वैर भाव या राग द्वेष से व्यवहार करते तो बंधन होता है,लेकिन भगवान के नाते सभी से मंगल की भावना से करते हो डाँटनेवाले बापू भी अच्छे लग रहे! 

अपने व्यवहार में भगवान का प्रेम चमके, आनंद चमके..भगवान दूर नही, दुर्लभ नही..परे नही, पराए नही..राग द्वेष कपट बे-ईमानी से भगवान ढक गये और माया हावी हो गयी है..समता रखो..सब में ईश्वर है..सब का भला हो..

रामायण में आता है पराई निंदा के समान कोई अधम पाप नही है .. विज्ञानी बोलते एल डी एल  जहेर बन जाता निंदा ईर्षा करने से.. आप के शरीर के ग्रंथियो से हानिकारक रस द्रवित होता है..लेकिन भगवतीय चमक आती है जब भगवान की भक्ति करते है …बिल्कुल पक्की बात है ..ईर्षा किसी से हम कभी भूलकर भी ना करे.. भगवान का दिव्य यश गाने से हमारे  अंदर छुपे हुए भगवतीय स्वभाव की चमक आती है..

घर की निंदा, ईर्षा, चुगली सब चला जाए और प्रभु का आनंद घर घर में आए इसलिए ये प्रार्थना रोज करे :

हे प्रभु आनंद दाता  http://wp.me/P6Ntr-sk

….घरो में  ये प्रार्थना करो….निंदा में झूठ होता …मन खराब होता….बरकत नाश होती…. शरीर में कू-रस पैदा होते…. घर का माहोल समत्व का हो तो घर परिवार चमचम चमकेगा…

..ईर्षा, कूर कपट, निंदा, चुगली , झगड़े बखेड़ो  से  सभी को तकलीफ़ होती…सरकार को तकलीफ़ होती…धार्मिक को तकलीफ़ होती, अ-धार्मिक को भी तकलीफ़ होती… झगड़े,  कलह बहोत  तकलीफ़ करता.. मुझे तो लगता की   सभी स्कूलों में , सभी घरो में ये प्रार्थना चालू कर देनी चाहिए…इस से देश का बहोत जल्दी मंगल होगा….

जाए हमारी आयु हे प्रभु लोगो के उपकार में …

हाथ डाले हम कभी भी  भूलकर अपकार में …

स्वयं पे विश्वास रखे….लक्ष उँचा बनाए…भगवान पे भरोसा रखे….. “हे प्रभु आनंद दाता” ये प्रार्थना करे…. सुषुप्त शक्तियाँ जागृत होगी…. जीवन हलका फूल जैसा बनेगा…. निरोग बनेगा…!

कई देशो में, अमेरिका में 30 % लोगो को भारी अनिद्रा की बीमारी है …..60% लोगो को गोली लेनी पड़ती है..बड़ा दुर्भाग्य है ..भारत में 2% लोगो को अनिद्रा है..लेकिन मैं ये बात कहेता हूँ की भारत में 2% लोगो को अनिद्रा  है तो उन को भी ये प्रार्थना कर के निद्रा आने लगेगी बिल्कुल पक्की बात है…

 आज रात को सोते समय दक्षिण मे सिरहाना कर के सोए….सोते समय भगवान का नाम स्मरण करे….दिन भर में जो अच्छे काम किए प्रभु को अर्पण करे… गलतियाँ हुयी तो दुबारा ना हो ऐसी प्रार्थना करे… श्वास अंदर जाए तो ओम बाहर आए तो 1 इस प्रकार  गिनती करते करते भगवान की गोद में चले जाए…सुबह उठे तो थोड़ी देर शांत बैठे.. “हे प्रभु आनंद दाता, ज्ञान हम को दीजिए” प्रार्थना करे….हास्य कर ले….फिर दिन की शुरुवात करे…

घर के झगड़े मिटाने के लिए घर के मुखिया ने एक लोटे में पानी भर के रात को अपने पलंग के नीचे रखना है और सुबह नहा धोकर वो जल पीपल को चढाने से घर के झगड़े ख़तम होंगे..

लोहे के बर्तन मे पानी +घी + दूध+चीनी मिलाकर पीपल को प्रार्थना करे की , “हे महावृक्ष …सुख समृद्धी का दान करनेवाले दरिद्रता हरनेवाले देवता , मैं आप को तृप्त कर रहा हूँ..मेरे  घर में लक्ष्मी का वास होगा सुख संपदा होगी…  ऐसी कृपा करो हे देव!” …..ऐसी प्रार्थना कर के पीपल देवता को वो पानी चारो ओर से चढ़ाओ…मैं तो  चम्पी करता हूँ पीपल देवता को…जैसे किसी बड़े को करते है.. J

24 वृक्ष लगाने का पुण्य 1 पीपल का वृक्ष लगाने से मिलता है.. शुध्द  हवा के स्त्रोत पीपल से वातावरण में आते है..

 पीपल को जल सिंचने से दरिद्रता दूर  होती है….

ओम शांति.

श्री सद्गुरुदेव जी भगवान की महा जयजयकार हो!!!!!

ग़लतियों के लिए प्रभुजी क्षमा करे…

ॐॐॐॐॐॐॐॐॐॐ

sasu bahu ghar pariwar ke log miljul ke rahe…

ghar ka vaataavaran achha rahe isliye dwesh , irshaa, ninda chugali kabhi bhi hum kisi se bhul kar bhi naa kare….. (aisa karane me apana man ganda karate..aur bolanewala us me aur jhuth mila ke bolata hai ..isliye aur paap badhataa hai…mati aur girati hai…)

ghar ka vatavaran achha rakahne ke liye roj ye prarthana kare…

 hey prabhu aanand daata gyan ham ko dijiye.. http://wp.me/P6Ntr-sk

ghar mey dukh jhagade kab hote hai?…. bahu  nanand derani jethani ek-dusare ki ninda karate… irsha karate….aise ghar mey  bahar se air condition lekin andar se hot condition ho jati hai ….

Agar deraani ki nindaa jethaani karati hai to jeth kaa kartyavya hai ki apani patni ko samajhaaye ki deraani to chhoti bhaabhi hai meri…tumhaare bahen ke baraabar  hai, beti ke baraabar hai..aisaa maan ke badaa dil rakho..tu to jethaani hai..jethaani to badi ko bolate…to badi kaa badaa dil nahi rahegaa to badappan kaise rahegaa?

Agar deraani jethaani ki nindaa karati hai to chhotaa bhai apani patni ko samjhaaye ki vo to meri badi bhaabhi hai..maa ke baraabar hai…teri maa ke liye tere dil men jaisaa pyaar hai us se bhi jyaadaa pyaar us ke liye bhar..vo chaahe kaisa bhi vyavahaar kare, tu apanaa vyavahaar pyaar bharaa kar…tere dil men pyaar bharegaa to tere ko bhagavaan pyaari santaan denge..pyaaraa jeevan denge…

apane betaa beti ko mithaayi deni hai to napi-tuli do..deraani jethaani ke bachcho ko dil khol ke do..apanaa betaa beti galati kare to us ko jaraa tight karo..lekin deraani jethaani padosi kaa betaa beti hai to jaraa udaarataa se bartaav karo..to vo bhi tumhaare saath udaar-taa se bartaav karenge..

sab ke prati sadbhaav rakho to tumhaaraa cheharaa bhi khil jaayegaa..nindaa karane se apanaa cheharaa bhi bhaddaa ho jaataa hai..

kisi ki ninda naa kare…nindak ke mathe pe lakh paapo ka bhar jata hai…

Agar patni saasu ki nindaa sunaati hai to tum patni ko samjhaao  ke devi tu meri sewaa kar chaahe na kar..lekin meri maa ko jaraa khush rakh..maine meri maa ka dudh piyaa hai..maa ke sharir se meraa khun banaa hai..agar main maa ki nindaa sunungaa to mere jaisaa paapi kaun? ..Is paapi se jo aulaad hogi vo tujhe dukh degi , mujhe dukh degi …saasu ki nindaa naa kar..kyun ki teraa bhi bhavishya ujjwal hone men rukaavat hogi..kaisi bhi hai tere pati ki janm daatri hai..aur us ne janm diyaa tabhi tu us ghar ki maalakin banegi…tu bade ghar ki hai, bade man ki hai..(chaahe chhote ghar ho, chhote man ki ho phir bhi aisaa bol ke us ko jaraa utsaahit kare..) mujhe maa ki nindaa naa sunaao…(us ke thodi ko sparsh kar ke kahe ki) tu meri itani baat maan legi naa?…

kisi ko dosh naa do..dukhad awasthaa aayi to tum ko su-vikasit karane ke liye jaise sone ko tapaayaa to sone ke vijaatiy dravy mitaane ke liye aise saasu ki taraf se kabhi bhaddaa vyavhaar ho jaaye to tum ko saawdhaan honaa chaahiye ki meraa ahankaar, meri bewkufi, meri aasakti mitaane ke liye bhagavaan saasu ke dwaaraa aisaa karate hai..saasu ko dosh naa do…bahu kaa kartavy hai ki saasu ko maa se bhi jyadaa unchi najariyaa se dekhe kyu ki meraa bhartaa patidev ki vo janani hai isliye meri saasu hai..mujhe der saber saare ghar kaa adhikaar milegaa to mai bahu hone ke naate saasu ke dosh naa dekhu, saasu ke hruday me jo paramaatmaa hai vo santusht ho.. bahu kaa kartavy hai ki saasu ke hruday ko thes naa pahunche..

bahu ke dwaaraa ho rahaa hai to bhagavaan meri mamataa chhudaa rahe..saasu kaa kartavy hai ki bahu ko apani beti se bhi jyaadaa palako par rakhe..aankho ki palake..

raajaa dasharath ne kahaa ki kaushalyaa in bahuo ko kaise rakhogi?

boli, aankho ke taaro jaise..

bole ,  “nahi nahi..aankho ke palako ke jaise rakhe..aankh pe kuchh aaye to palake rakshaa karati aise bahu pe kuchh aaye to tum un ki palake ban jaanaa..”

saasu kaa kartavy hai ki bahu ke liye palake ban jaaye aur bahu kaa kartavy hai ki saasu ke liye palake ban jaaye to aap kaa ghar swarg ban jaayegaa.

sab ke prati sad-bhaav rakho, apane ghar me koyi paaltu praani hai gaay , bhais, bakari aadi to dhup me , thandi me un ko taklif naa pade is kaa khayaal rakho..un ko chaaraa paani time se do..sabhi jivo me paramaatm satta hai..sabhi kaa mangal chaahanaa, sabhi kaa mangal karanaa..vair bhaav yaa raag dwesh se vyavhaar karate to bandhan hotaa hai,lekin bhagavaan ke naate sabhi se mangal ki bhaavanaa se karate ho daantanewaale baapu bhi achhe lag rahe! 

apane vyavhaar me bhagavan kaa prem chamake, aanand chamake..bhagavaan dur nahi, durlabh nahi..pare nahi, paraaye nahi..raag dwesh kapat be-imaani se bhagavaan dhuk gaye aur maayaa haavi ho gayi hai..samataa rakho..sab me ishwar hai..sab kaa bhalaa ho..

raamaayan me aataa hai paraayi ninda ke samaan koyi adham paap nahi hai .. vigyaani bolate LDL jaher ban jaataa nindaa irshaa karane se.. aap ke sharir ke granthiyo se haanikaarak ras dravit hotaa hai..lekin bhagavatiy chamak aati hai jab bhagavan ki bhakti karate hai …bilkul pakki baat hai ..irshaa kisi se hum kabhi bhulkar bhi naa kare.. bhagavana kaa divy yash gaane se humhaare andar chhupe huye bhagavatiy swabhav ki chamak aati hai..

ghar ki nindaa, irshaa, chugali sab chalaa jaaye aur prabhu kaa aaanand ghar ghar me aaye isliye ye prarthanaa roj kare :

hey prabhu aanand daataa  http://wp.me/P6Ntr-sk

….gharo me prarthana karo….ninda me  jhuth hota …man kharaab hotaa….barkat nash hoti…. sharir me ku-ras paida hote…. ghar ka mahol samatv ka ho to ghar pariwar chamcham chamkega…..irsha, kur kapat, ninda, chugali , jhagade bakhedo  se  sabhi ko taklif hoti…sarkar ko taklif hoti…dharmik ko taklif hoti, a-dharmik ko bhi taklif hote… jhagade,  kalah bahot taklif karataa.. mujhe to lagata ki   sabhi schoolo me , sabhi gharo me ye prarthana chalu kar deni chahiye…is se desh ka bahot jaldi mangal hoga….

swayam pe vishwas rakhe….laksh uncha banaaye…bhagavan pe bharosa rakhe….. “hey prabhu aanand data” ye prarthana kare…. sushupt shakitya jagrut hogi…. jeevan halaka phool jaisa banegaa…. nirog banega…!

 kayi desho mey , amerika mey 30 % logo ko bhari anidra ki bimari hai …..60% logo ko goli leni padati hai..bada durbhagy hai ..bharat mey 2% logo ko anidra hai..lekin mai ye baat kaheta hu ki bharat mey 2% logo ko anidra  hai to un ko bhi ye prarthana kar ke nidra aane lagegi bilkul pakki baat hai…

 aaj raat ko sote samay dakshin me sirhana kar ke soye…. sote samay bhagavan ka naam smaran kare …din bhar men jo achhe kaam huye vo bhagavaan ko arpan karo..jo galatiyaan huyi us ke liye kshamaa yaachanaa kare aur dubaaraa aisi galati nahi karu aisi praarthanaa kare.. ….shwas andar jaaye to om bahar aaye to 1 isprakar ginati karate karate bhagavan ki god me chale jaaye…subah uthe to thodi der shant baithe..”hey prabhu aanand data, gyan hum ko dijiye” prarthana kare….hasy kar le….phir din ki shuruwat kare…

ghar ke mukhiya ne ek lote mey pani bhar ke raat ko apane palang ke niche rakhana hai aur subah nahaa dhokar wo jal pipal ko chadhane se ghar ke jhagade khatam honge..
lohe ke bartan mey pani +ghee+ dudh+chini milaakar pipal ko prarthana kare ki , “hey mahaavruksh …sukh samrudhdi ka daan karanewale daridrata haranewale devataa , mai aap ko trupt kar raha hun..mere  ghar mey lakshmi ka waas hoga sukh sampada hogi…  aisi krupa karo hey dev!” …..aisi prarthana kar ke pipal devata ko wo pani charo or se chadaao…mai champi karata hun pipal devata ko…jaise kisi bade ko karate hai..

24 vruksh lagaane ka puny 1 pipal ka vruksh lagaane se milata hai.. shudhd havaa ke strot pipal se vatavaran mey aate hai..
 pipal ko jal sinchane se daridrata door hoti hai….

om shaanti.

 SHRI SADGURUDEV JI BHAGAVAAN KI MAHAA JAYAJAYAKAAR HO!!!!!

Galatiyon ke liye Prabhuji kshamaa kare…

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One Comment on “निंदा से बचने के उपाय Nindaa se bachane ke upaay”

  1. mritunjay singh Says:

    mere ghar me bahat hi kalah hai .gharwale hum dono pati patni ko nichle sttaar se dekhte hai aur dusri paresani yeh hai hai ki meri bhabhi namak ko jadu tona karwake hum dono ko kisi bahane khila deti hai jisse hum dono mein hurwakt jhagda hota hai toh iska loi samadhan batayen.


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