कलियुग में सतयुग कहाँ है ?

ब्रम्हज्ञानी संतश्री परमपूज्य आसाराम बापूजी नेवई के व्यासपीठ से

16-19 अगस्त 2010


भारत कोई गाजर मुली है जो कोई भी चबा  लेगा?
कितनी कुर्बानी के बाद आजादी मिली है..अब हम अपने देश को गुलाम होने से हर कीमत पर बचायेंगे…
इन धर्मान्तरणवालो ने कई देशो को गुलाम बना डाला, कई संस्कृतियों को कुचल डाला..
रोम की संस्कृति , यूनान  की संस्कृति , मिस्त्र  की संस्कृति कुचल दी..
लेकिन भारतीय संस्कृति को कुचलते कुचलते कुचलने वाले कुचले गए मौत की खायी में..
अभी तक झंडा फड़क रहा है..!

जोगी रे पे झूमता ग्वालियर


विदेशी धर्मान्तरण वाले पैसा देकर हिन्दू संतो का उलटा सीधा प्रचार कराते इस से हमारा क्या बिगड़ता है?

पुज्यश्री बापूजी से सारस्वत्य मन्त्र लेकर कई बच्चे होनहार हुए है , चमचम चमक रहे है ..पुजश्री बापूजी से प्रेरित गुरूकुलों में गरीब , कमजोर जिन को विटामिनो का खुराक नहीं मिला है ऐसे कमजोर विद्यार्थियों को भरती कर दिया…गुरूकुल में उन को खाना-पीना अच्छा  देते, तुलसी के पत्ते खिलाते, प्राणायाम कराते तो 100% रिजल्ट आया! बोर्ड की परीक्षा में  जितने भी  विद्यार्थी गए सब के सब क्लास वन  में पास है…
ये देख कर मिशनरीवालों को टेंशन  हो गया..
इसलिए उन्हों ने सब साजिश की..
हिन्दू धर्म  यूनान  , मिस्त्र और रोम जैसा नहीं है की उस को धर्मान्तरणवाले दबोच दे…हिन्दू धरम में महा पुरुषों  की अनुभूति है और वैदिक शास्त्रों  का खजाना है….
हिन्दू धरम को मिटाने वाले इस दुनिया से मिट गए, हिन्दू धरम नहीं मिटेगा.
धर्मांतरणवाले जो गाय का मांस खाना सिखाये, शराब पीना सिखाये वो हम को धरम क्या सिखायेंगे? वो तो हिन्दुस्थान को तोड़ना चाहते है, हम क्यों टूटे?

धर्मान्तरणवाले  हिन्दू धर्म के नेताओं को लड़ाने का काम करते चानेलो के द्वारा..अखबार के द्वारा..हम काहे को आपस में लड़ मरे?
800 करोड़ रुपियाँ  भारतीय संस्कृति को नीचा दिखने के लिए पास हुए है..उस में 62 करोड़ पुज्यश्री बापूजी के पीछे लग गए…


लेकिन बापूजी के सत्संगी तो झुठलाये नहीं जाते
कदम रखते आगे तो लौटाए नहीं जाते..

पुज्यश्री बापूजी के सत्संगी तो बापूजी के साथ है , लेकिन कई प्रिंट मीडियावाले और इलेक्ट्रोनिक   मीडियावाले भी तो बापूजी के साथ है…जो बापूजी के वचन घर घर तक पहुंचा रहे है..

पुज्यश्री बापूजी का हेलीकाप्टर से आगमन


15 अगस्त को झांसी में सत्संग के बाद ब्रम्हज्ञानी पुज्यश्री आसाराम बापूजी की लोक कल्याण की दिव्य अमृत वर्षा  राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई स्थानों को  परम पवित्र करती चली जा रही है…
मऊ-रानीपुर, छत्तरपुर , ग्वालियर , उरई , भरतपुर, बयाना , गंगापुर , नेवई ऐसे कई स्थानों की धरती को  अपने पावन चरण कमलों से धन्य हुयी  , लाखो लाखो लोग  दर्शन सत्संग से लाभान्वित हुए ..
पुज्यश्री बापूजी  तो लोक कल्याण में दिन-रात लगे हुए है…एक एक दिन में 5 – 5 स्थानों में सत्संग कर रहे है …कहा छत्तरपुर …कहा भरतपुर… तो कहा गंगापुर और कहा नेवई, लेकिन पुज्यश्री बापूजी लगातार यात्रा करते हुए लोगो तक परम कल्याण का दिव्य सन्देश पहुंचा रहे है……


धर्मांतरणवालों ने इतनी साजिश करने के बाद भी पुज्यश्री बापूजी का ह्रदय उन के लिए भी प्रीति से भरा है … सादगी से कहेते है की,

“हम तो सब का भला चाहते है!


मैं  तो मध्य प्रदेश सरकार के शिवराज सिंह और उन के साथियों को 2 बार शाबास और 3 बार धन्यवाद देता हूँ…की गरीब गुरबों के लिए 5 रुपये में भरपेट ठीक ठीक पोष्टिक भोजन की जो व्यवस्था किये है उस के लिए!
अगर मुझ से मिले तो मैं  भी उस में सेवा करूंगा…मध्य प्रदेश सरकार ये बहोत अच्छा काम कर रही है..
महेंगायी के जमाने में गरीब गुरबों के लिए भरपेट भोजन अथवा 6 फुलके और सब्जी आदि का जो योजना है वो बहोत अच्छी  है.
ग्वालियर भोपाल आदि जगह में ये यजन चल रही , हम ने सुना है…
और जगह भी खोलेंगे तो हम भी उन के साथ रहेंगे…
हमारे सेवक भी उन के साथ हो जायेंगे..
गरीब गुरबों की , देश वासियों की कोई भी सेवा करता हो इमानदारी से तो हम उन के साथ है….ऐसा जो भी सेवा करते है वो हमारे बड़े भाई है…चाहे वो 25 साल के है , लेकिन वो मेरे बड़े भाई है …इमानदारी से सेवा करनी चाहिए…खाली  अखबारों में छपवा दिया और देखो तो कोई ठिकाना नहीं ऐसा नहीं हो….सचमुच में इमानदारी से सेवा होती हो तो वो नेता चाहे 25 साल का हो तो भी मेरा बड़ा भाई है…





..पुलिस में भी ऐसे कई रत्न है , जो सत्संग सुनते है , औरों को सुनाने में भागिदार हो जाते है..
मीडिया ऐसी है मीडिया वैसी है बोलते , लेकिन मीडिया में भी कई ऐसे नर-रत्न है की अपना अहम् भूल कर भीड़ के साथ घुल मिल कर बैठ जायेंगे…धक्के-मुक्के लगते है तो क्या है!भक्तो के धक्के है -अमृत है!..मीडिया में भी ऐसे नर -रत्न है …इसलिए तो संसार चलता है…

मनुष्य जीवन में अगर सत्संग नहीं है तो मनुष्य जीवन पशु से भी व्यर्थ्य  है ..

जिस से तुम कभी अलग न हो सको उस का नाम भगवान है…उस का नाम आत्मा है- परमात्मा है ..
और जिस को तुम कभी साथ न रख सको उस का नाम संसार है…

जिस समय सत्य स्वरुप ईश्वर की चर्चा होती है, स्नेह और सहानुभूति होती है …विकारी सुख के बिना का आनंद मिलता है वो सतयुग है ! इस समय प्रकृति में भी सतयुग की सुवास आ रही है ..
क्रियाये और प्रयोग है तो द्वापरयुग  है..लोभ -लालच है तो त्रेतायुग है…कलह -छिना-झपटी और दोषारोप होते तो कलियुग है….
इस समय सत -युग है…

एक होता है संसारी सुख -जो परिश्रम से मिलता है, और पाप करम की तरफ धकेलता है.

दूसरा होता है भक्ती  का, कीर्तन का, सुमिरन का सुख …वो चिन्मय  सुख होता है..पाप मिटता है…शांती , आनंद, सतगुण  देता है वो भक्ती  का सुख है..

तीसरा होता है शांती  का सुख …वो ज्यादा समय टिकता है और बुध्दी को विलक्षण चैत्यन्य स्वभाव से भरता है…

और चौथा होता है की शांती  के सुख का उपभोग न करे, लेकिन शांत स्वभाव में नि:संकल्प रहे तो आत्मा -परमात्मा का सुख और मोक्ष का अनुभव करता है..और अनंत अनंत योग्यताये भरता है..

कोई स्कूल कॉलेज में एक दिन भी नहीं गया हो , लेकिन भक्ती  ध्यान के सुख में आगे बढ़ जाए तो पढ़े हुए को पढ़ा सकता है…
एक कौड़ी पास में नहीं है ऐसा निर्धन है, लेकिन धनवानों को दान कर सकता है…
एक व्यक्ति भी नहीं पहेचानता है..लेकिन कईयों को पद, प्रतिष्ठा , राज्य दे सकता है…ऐसी शक्ति सब के अन्दर छुपी है..

ग्वालियर के आसपास की मिटटी का सपूत बैजू बावरा गुरू का प्यारा था..भगवान श्रीकृष्ण को साक्षात् प्रगट कर लिया था , गुरू जी से वरदान पाया था…ऐसा बैजू
जिस किसी को कुछ सुनाता सिखाता तो अपना आत्मा समझ कर ऐसे मैं  भी आप क अपना आत्मा समझ कर ही बोलता हूँ..
आप को ऐसा नहीं लगता होगा की बापूजी हम से कुछ लेने के लिए ट्राय  कर रहे..
मुझे किसी से कुछ नहीं लेना है..भगवान से भी कुछ नहीं लेना है….ऐसी चीज मुझे मेरे गुरू ने दे दी है..

भगवान जिस से भगवान है उस ब्रम्ह परमात्मा का ज्ञान गुरू ने दे दिया है …

वृन्दावन में हरिदास महाराज के पास संगीत विद्या सिखने ग्वालियर के पास के चंदेरी गाँव  का 10 साल का बच्चा आया था… गुरू  ने स्वीकार किया बस बात पूरी हो गयी..
..बैजू रात भर वृन्दावन  के गलियों में भटके…श्रीकृष्ण की बंसी की धुन सुनाई पड़ती…सुबह गुरूजी आये तो बैजू सोये मिले…
और उदारात्मा गुरूदेव  पद बना बना के उस को जगाते..
ऐ  बावरे जाग भोर भई..
तो बैजू का नाम पड़  गया बैजू बावरा…
10 साल के बैजू का गुरू ने हाथ पकड़ा है, कैसा भी हैं , बैजू मेरा है ..बात पूरी हो गयी….दिवाली के धन तेरस की पूजा हो रही है और बैजू सुबह धन तेरस को भी सो रहा है ..जगा तो सही लेकिन आँखों में प्यास है..
तड़पती  हुयी आँखों ने धन तेरस की रात को श्रीकृष्ण को प्रगट होने में बाध्य कर दिया..बंसी तो सुनाई पड़ती लेकिन बंसीधर कहाँ  है? … जहां  से आवाज आई वहाँ  खींचे चले गए…आवाज बंद हो गया..
देखा की वृक्ष पे वहाँ  श्रीकृष्ण है.. मैं  कैसे वहाँ  पहुंचूंगा ?….मूर्छित से हो गए बैजू…
श्रीकृष्ण ने उठाया बैजू को…. “मेरे लिए तू बावरा हैं  तो  मैं  भी तेरे लिए बावरा हूँ…!
संसारी चीजो के लिए कोई बावरा होता तो संसारी चीज उस के लिए बावरा नहीं होती…
लेकिन मनुष्य एक -दुसरे के लिए बावरा होता है और आत्मा-परमात्मा भी एक-दुसरे के लिए बावरा होता है…बैजू इस बात को  पकड़ लेना…”

बैजू बोले,  “मेरे गुरूजी के पास चलो..उन्ही की कृपा से तुम मिले हो…”
गुरूजी ने दर्शन किया ..
“बैजू तू बावरा नहीं है, तुझे बावरा कहेनेवाले भी बावरे है..लेकिन इसी नाम से बेटा तू प्रसिध्द हो और तुझे सारी  विद्यायें  हस्तगत हो…”
गुरूजी का वरदान  मिल गया …
बैजू बावरा जिस किसी को भी कुछ सिखाता , सुनाता तो अपना आत्मा समझ कर…
(पुज्यश्री बापूजी ने ग्वालियर के सपूत हरिदास गुरू के सु-शिष्य बैजू बावरा और तानसेन की कथा सुनाई… पूरी कथा  के लिए लिंक पर क्लिक कीजिएगा )





1) स्वास्थ्य

इन दिनों में(बारिश) शाम को 2/3 हरड  गोली चुसे, ताकि खाना सब हजम हो जाए…
जिन का खाना ठीक से हजम नहीं होता उन के कंधे  पकडे रहेते, शरीर में दर्द रहेता है..
ऐसे लोग भोजन के समय एक ग्लास गुनगुना पानी ज़रा सी सोंठ मिला के रख दे..भोजन के बिच 2-4 घूंट पीते  पीते  भोजन पूरा होने के पहेले वो पूरा ग्लास पानी भोजन के साथ पेट में जाए, ऐसा करे…
आधा  हिस्सा पेट भोजन से भरे,
चौथा हिस्सा पेट पानी से भरे,
चौथा हिस्सा पेट खाली  रखे..

जो ठास  के खाते उन की तबियत गड़बड़ रहेती है ..
भोजन के साथ जो पानी नहीं पीते  वो बीमारी को बुलाते है..
जो फ्रिज  का पानी पीते  वो मन्दाग्नि , बदहाजमी को बुलाते है ..फ्रिज  का पानी तो कोई रुपये दे ऊपर से तो भी नहीं पीना चाहिए…
फिज  का पानी मन्दाग्नि  करता है ,
गैस की बिमारियां  करता हैं ,
पाचन तंत्र कमजोर करता है.
कमर के दर्द और सीर  के दर्द पैदा करता है.

मोबाइल फ़ोन और फ्रिज  का पानी दुश्मन को भी न दो ज्यादा.

शादी विवाह में आटा  गुन्दते जाते, समोसे  बनाते जाते और उसी समय नाक साफ करते अथवा खांसते और वैसे ही हाथ से आटा  गुन्दते…छि!…हलवाई के हाथ का खाना तबियत के लिए और पवित्रता के लिए नुकसान कारक है…

भोजन करे, पानी पिए तब भी गुरूमंत्र पढ़ कर , भोजन/पानी को देख कर उस को  पवित्र कर के फिर भोजन करे अथवा पानी पिया करे…

2) विद्यार्थी विशेष

परीक्षा के दिनों में चाय पीकर /कोफ़ी  पीकर जग कर पढ़ने वाले बच्चे बेवकुफ होते है…मुर्ख होते है…कभी भी रात को देर तक जाग कर नहीं पढ़ना चाहिए…सुबह जल्दी उठ कर पढ़े 1 घंटा ,तो वो रात्रि  के 5 घंटे जागने से ज्यादा हीतकारी है..
सारस्वत्य मन्त्र का जप करे  : “ॐ ऐं  नमः”
फिर “ॐ” को देखे और पेपर लिखे..अपने आप बढ़िया मार्क  आते है.

3)गन्दी फिल्मे अथवा गंदे लोगों की दोस्ती , उन से हाथ मिलाना उन के हाथ का खाना नुकसान  कारक है…

4) माईयां अपने बच्चों को डबल -रोटी(ब्रेड /पाव), बिस्कुट , चाय कोफ़ी  देकर उन का पेट खराब मत करो….उन को तुलसी के 5-7 पत्ते चबाने को  दे, पानी पिए..तो पेट की सारी  तकलीफ दूर होंगी.
सूर्य नारायण को अर्घ्य दे.आँखे बंद कर के भ्रूमध्य में सूर्य नारायण का ध्यान करे तो बच्चे बुध्दिमान हो जायेंगे.
सूर्य नारायण का ध्यान नाभि में करेंगे तो स्वस्थ हो जायेंगे.

5) बच्चे मशीन या रोबोट नहीं

15 साल की बेटी और 16 साल का बेटा हो जाए तो उन क मित्र के नाई  जबाब दो….अपने बेटे है इसलिए रोक टोक करोगे  तो तुम्हारी बात उन को लगेगी नहीं , दूसरों की बातों में आकर तुम्हारे लिए उन की सद-भावना सुकड़  ना जाए इसलिए उन से प्यार से व्यवहार करो.
लड़की है- मानती नहीं -ऐसा करती -वैसा करती..ऐसा न टोके..15 साल के बाद वो सहेली है, लड़की नहीं है….16 साल के बाद बेटा नहीं , मित्र है…
आप ने देखा होगा फोटो की मैं  नारायण के कंधे पर हाथ रख के मित्र-वत  बात करता हूँ…वो भी मेरा आदर करता है…मेरा बेटा मेरा रसोईये का भी काम कर लेगा, झाड़ू लगाने वाले का भी काम कर लेगा..सेक्रेटरी  का भी काम कर लेगा और मेरी माँ का काम भी कर लेगा..खाना भी बना लेगा! मैं  उस को  माँ भी बोलता हूँ.. 🙂 “मैया कहाँ  गयी?”
तो   “आ गयी!” ऐसा बोलता है !
ऐसी दोस्ती है हमारी … 🙂

बेटे के साथ दोस्त बन के व्यवहार करना चाहिए.
बेटी के साथ सहेली बन कर व्यवहार करना चाहिए.

बेटियों को ज्यादा टोको  मत..समझा दो की गलती है तो  की बेटी तू अच्छी है, लेकिन तू फिल्म देखती तो तेरे मन में ऐसा ऐसा आता… तू तो बहोत अच्छी  है, जो उस का गुण हो उस का बखान  करो…और अव-गुण हो तो बोलो ये तेरे में नहीं , तेरे मन में है -हिम्मत कर के उस को निकाल  दे…ऐसा प्यार से समझाये…
‘तू तो ऐसी तू तो वैसी’ बोलोगे तो लवर लवरियों के चक्कर में पड़ेगी…

बच्चों को जहां  प्यार मिलता है वहाँ  वे झुक जाते है…

सब को प्यार की प्यास है….
तुम्हारे बच्चे कोई रोबोट तो नहीं है, मशीन तो नहीं है…

उन को आप के स्नेह की, सहानुभूति की , प्यार की और सूझ -बुझ की जरुरत है….डांट -फटकार ज्यादा नहीं …..

5) महिला विशेष

महीने में 5 दिन महिलाये माला नहीं पहेनेगी, माला नहीं घुमायेंगी. “ओमकार” का मन्त्र छोड़ कर जप करेगी उन दिनों में.
जैसे ॐ नमः शिवाय है तो “शिव शिव” 15 मिनट करेंगी , बिना माला के.
“हरि  ॐ ” मन्त्र है तो “हरी हरी हरी हरी”

“ॐ गुरू ” मन्त्र है तो “गुरू  गुरू गुरू गुरू..” ऐसे करना.

“ॐ ऐं नमः” मन्त्र है तो “ऐं नमः नमः ऐं नमः नमः…” ऐसे 2-4 बार नमः 1 बार ऐं ऐसे 15 मिनट करना….

महीलाओं  को मासिक धरम में ओमकार का जप नहीं करना है.

6) माला शुध्दी मन्त्र

शौचालय में माई -भाई कोई माला नहीं ले जाए ….
अगर गलती से माला रहे गयी है तो माला सहीत स्नान कर ले.
फिर माला धो कर मन्त्र बोले “माले माले  महा माले पातक नाशिनी , इष्ट दायिनी” ऐसा कर के माला गले में धारण कर लेना.

माला जपते जपते टूट गयी, माला के दाने बिखर गए तो नयी माला तोड़ के उस के दाने पुरानी  माला में मिला कर 108 की मनको की गिनती पूरी करे- उसी पुरानी  और नयी माला को मिला कर 108 की गिनती पूरी करे..क्यों की जिस माला पर गुरू मन्त्र का भगवान नाम का जप हुआ है वो माला हजारो लाखो रुपये से भी ज्यादा कीमती है..
वो माला पहेन  कर कही भी जायेंगे तो आप का अनिष्ट नहीं होगा..
इष्ट मन्त्र की माला आप के पास है, सब के भले की भावना  आप के पास है तो आप  का कोई बुरा नहीं कर सकता.

7) ऐक्सिडेंट से बचे

घर से निकलते समय एक्सिडेंट न हो जाए, आतंक न हो जाए ऐसा जिन को भय है तो प्रबोधिनी  एकादशी के दिन कर्पुर से भगवान नारायण की आरती कर लो…तो अकाल मृत्यु से रक्षा होगी…अथवा तो रोज घर से बाहर निकलने से पहेले ३ बार ये मन्त्र बोले :-
“ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगंधिम पुष्टि वर्धनम उर्वारु कमिव बन्धनान  मृत्योर मोक्षीय मामृतात ”  तो आप की रक्षा होगी , यात्रा निर्विघ्न होगी .

8) बच्चों की हाईट बढाने के लिए

बच्चो का कद बढ़ने के लिए 3 बिल्व  पत्ते  और 1 काली  मिर्च चबा के बच्चे खाए..तो बच्चे कदावर होंगे..
बच्चो को और हीम-सम करना है तो खनिज बच्चो को मिले ..कटहल में खनिज खूब होता है..इसलिए बच्चो को कटहल खिलाये…माँ -बाप चाहे ठिंगने हो , लेकिन बेटा बेटी  एकदम कदावर हीम-सम हो जायेंगे…

सत्संग से कितना भला सहज में हो जाता है ! 🙂

लाल   न  पिला  हरा  न  नीला  प्रेम  का  रंग  निराला
बिन  दीपक  बिन  बाती  के  मेरा  जोगी  करे  उजाला

पुज्यश्री नेवई से

ज्ञान  तेरा  ये  जब  से  पाया  सब  कुछ  लगे  सुहाना
अब  तो  पूरा  जीवन  जोगी  के  भक्ति  में  बिताना

परम  वैद्य   मेरा  जोगी  है  जो  रोग  और  शोक  मिटाए
सब  को  पिलाए  ज्ञान  की  औषध  सारे  दुःख  मिट  जाए

हसते  खेलते  समझाते  है  सब  को  ज्ञान  की  बाते
सत्संग  कर  के  इस  जोगी  का  सब  के  गम  मिट  जाते

परम  उदार  है  शुभ  गुण कारी   जोगी  संकट  नाशक
शरणागत  पालक  मेरा  जोगी  ये  है  पाप  विनाशक

चन्दन  से  मांगे  बिना  ही  जैसे  सुगंध है  मिलती
ऐसे  ही  जोगी की  उपस्थिति  सब  को  शांती  देती

अदभुत  है  इस  दर  के  नज़ारे  देखा  नहीं  सुख  ऐसा
सारे  जग  में  ढूंढ़  लो  मिल  के  कोई  नहीं  जोगी  ऐसा

पुज्यश्री ग्वालियर से

मृग  जल  से  है  प्यास  ना  बुझती  यही  सत्य  अटल  है
बस  जोगी  का  ज्ञान  है  सच्चा  लिख  लो  ह्रदय  पटल  पे

जग  की  ना  है  पर्वा  अब तो तुम  को  ही  है भजना
तेरे  ज्ञान  से  मेरे  जोगी  हम  को  है  अब सजना

जहा  भी  ले  चलोगे  जोगी वही  है हम को  चलना
जो  जोगी  मेरा  बोले  अब  तो  वो ही है हम को  करना

जगी  ज्योत  समझी  ना  अब तक , अब ना  है हमें  बुझना
मेरे  जोगी  के  कहेने  में  हम  को अब  है  चलना

सावन  के  आने  से  जैसे  झूम  उठे  है  धरती
जोगी  जैसे  आये  इस  जीवन  में  समझो  किस्मत  चमकी

मन  को  मोहनेवाला  लगता  जग  का  झूठा  पसारा
असली  सुख  तो  हमें  दिलाता  जोगी  हमारा  प्यारा


ॐ शांती

सतगुरूदेव जी भगवान की महा जयजयकार हो !!!!!
गलतियों के लिए प्रभुजी क्षमा  करे…..


Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s


%d bloggers like this: